रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।। इसीलिए इनके विसर्जन को लेकर ध्यान रखें. • रोली, कपूर, चंदन तथा गोरोचन समान मात्रा में मिलाकर गंगाजल में घोंटकर तिलक लगाने से देखने वाले व्यक्ति वशीभूत होते हैं। यक्ष राक्षस भैरव बेताल ग्रह राक्षसादिकम क्षणेन हन हन भंजय भंजय मारय मारय https://directmysocial.com/story4015997/boy-vashikaran-no-further-a-mystery